100 Shabdon Ki Kahaniyan
Mubashshir Ali Zaidi₹199₹24920% off
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by Suhail Azad
No reviews yetSeller: Rekhta Publication
| Item Weight: | 210 Grams |
|---|---|
| ISBN: | 9789394494428 |
| Author: | Suhail Azad |
| Language: | Hindi |
| Publisher: | Rekhta Publication |
| Pages: | 111 |
| Dimensions: | 18 x 18 x 1.5 cm |
| Book type: | Paperback |
| Publishing year: | 2023 |
| Genre: | Poetry |
शेर-ओ-शायरी के नए आशिक़ों के लिए ये एक बहुत ही अहम किताब है। इस किताब में शायरी की तमाम विधाओं को बहुत नज़दीक से बताया और समझाया गया है। इसमें शायरी में उच्चारण(तलफ़्फ़ुज़) पर विस्तार से बात की गई है। साथ ही, मशहूर शायरों के कलाम पर बात और उनकी सरल भाषा में व्याख्या की गई है। "सुहैल आज़ाद 1966 में पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) में पैदा हुए। उन्होंने बरेली कॉलेज, बरेली और कुमाऊँ विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की और लगभग 30 साल तक उत्तराखण्ड पुलिस विभाग में सेवा देने के बाद 2021 में स्वेच्छा से सेवानिवृत्त हुए। सुहैल आज़ाद नयी उर्दू शायरी का एक रौशन और मशहूर नाम हैं जो अपने अलग उस्लूब और अन्दाज़-ए-बयान से पहचाने जाते हैं। शायरी करने के साथ-साथ नए कहने वालों की इस्लाह और उनको फ़न की बारीकियाँ समझाने में अहम भूमिका निभाते हैं। अब तक उनकी शायरी के चार संग्रह (उर्दू और देवनागरी में) प्रकाशित हो चुके हैं। इन दिनों में हल्द्वानी (नैनीताल) में रहते हैं।"
शेर-ओ-शायरी के नए आशिक़ों के लिए ये एक बहुत ही अहम किताब है। इस किताब में शायरी की तमाम विधाओं को बहुत नज़दीक से बताया और समझाया गया है। इसमें शायरी में उच्चारण(तलफ़्फ़ुज़) पर विस्तार से बात की गई है। साथ ही, मशहूर शायरों के कलाम पर बात और उनकी सरल भाषा में व्याख्या की गई है। "सुहैल आज़ाद 1966 में पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) में पैदा हुए। उन्होंने बरेली कॉलेज, बरेली और कुमाऊँ विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की और लगभग 30 साल तक उत्तराखण्ड पुलिस विभाग में सेवा देने के बाद 2021 में स्वेच्छा से सेवानिवृत्त हुए। सुहैल आज़ाद नयी उर्दू शायरी का एक रौशन और मशहूर नाम हैं जो अपने अलग उस्लूब और अन्दाज़-ए-बयान से पहचाने जाते हैं। शायरी करने के साथ-साथ नए कहने वालों की इस्लाह और उनको फ़न की बारीकियाँ समझाने में अहम भूमिका निभाते हैं। अब तक उनकी शायरी के चार संग्रह (उर्दू और देवनागरी में) प्रकाशित हो चुके हैं। इन दिनों में हल्द्वानी (नैनीताल) में रहते हैं।"