100 Shabdon Ki Kahaniyan
Mubashshir Ali Zaidi₹199₹24920% off
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Seller: Rekhta Publication
| Item Weight: | 400 Grams |
|---|---|
| ISBN: | 9788198302656 |
| Author: | Saleem Mohiuddin |
| Language: | Urdu |
| Publisher: | Rekhta Publication |
| Pages: | 263 |
| Dimensions: | 20.32 x 12.7 x 2.54 cm |
| Book type: | Paperback |
| Publishing year: | 2025 |
| Genre: | Poetry |
सलीम मोहिउद्दीन का ताल्लुक़ सूफ़ियों और संतों की धरती दकन के तंगाबाद से है। उनका जन्म 23 फ़रवरी 1963 को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध परभणी क्षेत्र में हुआ। उनकी शायरी में एक ख़ास गहराई और पेचीदगी दिखाई देती है। उनकी रचनाओं में न केवल शायरी की बारीकियाँ और ख़ूबसूरती मिलती है, बल्कि इंसानी रिश्तों के बिखराव और क़द्रों-कीमतों में आती गिरावट का गहरा एहसास भी मिलता है। उनका पहला शायरी-संग्रह ‘वाबस्ता’ बहुत पहले प्रकाशित हुआ था। इसके बाद उनकी कई नस्री किताबें भी प्रकाशित हुईं। अब क़रीब पच्चीस साल के लंबे वक़्फ़े के बाद उनका दूसरा शायरी-संग्रह आपके हाथों में है।
सलीम मोहिउद्दीन का ताल्लुक़ सूफ़ियों और संतों की धरती दकन के तंगाबाद से है। उनका जन्म 23 फ़रवरी 1963 को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध परभणी क्षेत्र में हुआ। उनकी शायरी में एक ख़ास गहराई और पेचीदगी दिखाई देती है। उनकी रचनाओं में न केवल शायरी की बारीकियाँ और ख़ूबसूरती मिलती है, बल्कि इंसानी रिश्तों के बिखराव और क़द्रों-कीमतों में आती गिरावट का गहरा एहसास भी मिलता है। उनका पहला शायरी-संग्रह ‘वाबस्ता’ बहुत पहले प्रकाशित हुआ था। इसके बाद उनकी कई नस्री किताबें भी प्रकाशित हुईं। अब क़रीब पच्चीस साल के लंबे वक़्फ़े के बाद उनका दूसरा शायरी-संग्रह आपके हाथों में है।