100 Shabdon Ki Kahaniyan
Mubashshir Ali Zaidi₹199₹24920% off
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Seller: Rekhta Publication
| Item Weight: | 200 Grams |
|---|---|
| ISBN: | 9789394494923 |
| Author: | Naima Jafri Pasha |
| Language: | Hindi |
| Publisher: | Rekhta Publication |
| Pages: | 104 |
| Dimensions: | 21 x 14 x 2 cm |
| Book type: | Paperback |
| Publishing year: | 2024 |
| Genre: | Children’s Favourite |
पुराने ज़माने की नई कहानियाँ' बच्चों की कहानियों का संग्रह है जो उर्दू में शाए हो चुका है और हिन्दी में रेख़्ता द्वारा इसका प्रकाशन किया जा रहा है। इनमें से कुछ कहानियाँ दादी-नानी वाली हैं और कुछ लेखक के दिमाग़ की उपज हैं। ये कहानियाँ बच्चों को सीख देने के साथ-साथ उन्हें अपनी मातृभाषा से भी जोड़ती हैं। डॉक्टर नईमा जाफ़री पाशा बुनियादी तौर पर फ़िक्शन निगार और लुग़त नवीस हैं। अफ़साना, अफ़साँचा, कहानी, नॉवेल और बच्चों का अदब इनके ख़ास मौज़ू हैं। अब तक इनकी 20 किताबें शाए हो चुकी हैं। बच्चों की कहानियों के 2 मजमूए ('आठ रातें साथ कहानियाँ' और 'फिर क्या हुआ?') छप चुके हैं, औए उर्दू अकादमियों द्वारा पुरस्कृत हो चुके हैं।
पुराने ज़माने की नई कहानियाँ' बच्चों की कहानियों का संग्रह है जो उर्दू में शाए हो चुका है और हिन्दी में रेख़्ता द्वारा इसका प्रकाशन किया जा रहा है। इनमें से कुछ कहानियाँ दादी-नानी वाली हैं और कुछ लेखक के दिमाग़ की उपज हैं। ये कहानियाँ बच्चों को सीख देने के साथ-साथ उन्हें अपनी मातृभाषा से भी जोड़ती हैं। डॉक्टर नईमा जाफ़री पाशा बुनियादी तौर पर फ़िक्शन निगार और लुग़त नवीस हैं। अफ़साना, अफ़साँचा, कहानी, नॉवेल और बच्चों का अदब इनके ख़ास मौज़ू हैं। अब तक इनकी 20 किताबें शाए हो चुकी हैं। बच्चों की कहानियों के 2 मजमूए ('आठ रातें साथ कहानियाँ' और 'फिर क्या हुआ?') छप चुके हैं, औए उर्दू अकादमियों द्वारा पुरस्कृत हो चुके हैं।