100 Shabdon Ki Kahaniyan
Mubashshir Ali Zaidi₹199₹24920% off
Seller: Rekhta Publication
| Item Weight: | 200 Grams |
|---|---|
| ISBN: | 9789391080723 |
| Author: | Ishrat Afreen |
| Language: | Hindi |
| Publisher: | Rekhta Publication |
| Pages: | 164 |
| Dimensions: | 21 x 14 x 2 cm |
| Book type: | Paperback |
| Publishing year: | 2021 |
| Genre: | Poetry |
इ'शरत आफ़्रीन का जन्म 25 दिसम्बर, 1956 को कराची, पाकिस्तान में हुआ। कम-उ’म्री में ही अपना साहित्यिक सफ़र शुरू' करने वाली इ'शरत आफ़्रीन की रचनाएँ महज़ 14 साल की उ'म्र से प्रकाशित होने लगी थीं। उन्होंने कराची यूनिवर्सिटी से उर्दू भाषा में एम. ए. की डिग्री हासिल की। इ'शरत आफ़्रीन अपनी रचनाओं के ज़रीए' औ'रतों के हक़ में अपनी आवाज़ बुलन्द करने के लिए जानी जाती हैं। अब तक उनकी रचनाओं के तीन संग्रह “कुन्ज पीले फूलों का”, “धूप अपने हिस्से की” और “दिया जलाती शाम” प्रकाशित हो चुके हैं। उनकी शाइ'री का चौथा संग्रह “परिन्दे चहचहाते हैं” भी जल्द ही आने वाला है। उनकी रचनाएँ हिन्दुस्तान और पाकिस्तान की अधिकतर पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती हैं। इन दिनों टेक्सास यूनिवर्सिटी के उर्दू विभाग से जुड़ी हुई हैं और अमेरिका में ही रहती हैं। उर्दू अदब की ख़िदमत के लिए उन्हें कई अदबी अवार्ड्स से नवाज़ा जा चुका है।
इ'शरत आफ़्रीन का जन्म 25 दिसम्बर, 1956 को कराची, पाकिस्तान में हुआ। कम-उ’म्री में ही अपना साहित्यिक सफ़र शुरू' करने वाली इ'शरत आफ़्रीन की रचनाएँ महज़ 14 साल की उ'म्र से प्रकाशित होने लगी थीं। उन्होंने कराची यूनिवर्सिटी से उर्दू भाषा में एम. ए. की डिग्री हासिल की। इ'शरत आफ़्रीन अपनी रचनाओं के ज़रीए' औ'रतों के हक़ में अपनी आवाज़ बुलन्द करने के लिए जानी जाती हैं। अब तक उनकी रचनाओं के तीन संग्रह “कुन्ज पीले फूलों का”, “धूप अपने हिस्से की” और “दिया जलाती शाम” प्रकाशित हो चुके हैं। उनकी शाइ'री का चौथा संग्रह “परिन्दे चहचहाते हैं” भी जल्द ही आने वाला है। उनकी रचनाएँ हिन्दुस्तान और पाकिस्तान की अधिकतर पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती हैं। इन दिनों टेक्सास यूनिवर्सिटी के उर्दू विभाग से जुड़ी हुई हैं और अमेरिका में ही रहती हैं। उर्दू अदब की ख़िदमत के लिए उन्हें कई अदबी अवार्ड्स से नवाज़ा जा चुका है।