Aawara Bagule
Fatima Hasan₹239₹29920% off
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Seller: AAS Publisher
| Item Weight: | 300 Grams |
|---|---|
| ISBN: | 9788199281905 |
| Author: | Etgar Keret |
| Language: | Hindi |
| Publisher: | AAS Publisher |
| Pages: | 208 |
| Dimensions: | 8.5 cmX2.5 cm |
| Book type: | Paperback |
| Publishing year: | 2026 |
| Genre: | Short Stories |
लेखक की प्रशंसा “एटगर केरेट एक जीनियस हैं…” — द न्यूयॉर्क टाइम्स “एक शानदार लेखक… मैं ऐसे किसी और लेखक को नहीं जानता। आने वाली पीढ़ी की आवाज़।” — सलमान रुश्दी “केरेट केवल छह पैराग्राफ़ में वो कर सकते हैं, जो अधिकांश लेखक छह सौ पन्नों में नहीं कर पाते।” — काइल स्मिथ, पीपल “वो हमारे समय के सबसे महत्वपूर्ण लेखकों में से एक हैं…” — क्लाइव जेम्स किताब की प्रशंसा “सार्वभौमिक और शाश्वत” — द न्यूयॉर्क टाइम्स “केरेट के नए संग्रह की कहानियां व्यक्तिगत और वैश्विक घटनाओं पर ऐसी प्रतिक्रिया देती हैं, जो एक साथ हास्यपूर्ण और गहराई से भावनात्मक है।” — द न्यू यॉर्कर “रोशन और सटीक, सीधे-साधे अंदाज़ में लिखी गईं, लेकिन भीतर संभावनाओं और जंगलीपन से भरी हुई… केरेट की चमकदार कल्पनाएं हमेशा वास्तविकता की खोज में होती हैं, हमें यह दिखाने के लिए कि हम एक-दूसरे से कैसे जुड़ते हैं, कैसे अकेले रह जाते हैं और कैसे जुड़ने की तड़प रखते हैं।” — एमी बेंडर “अनंत कल्पनाशीलता… छोटी-छोटी गद्य-रचनाएं— ज़्यादातर कुछ ही पन्नों की— जो छोटे तारों की तरह फूटती हैं और कल्पनात्मक विस्तार को बढ़ावा देती हैं।” — बुकलिस्ट “केरेट के इस मनोरंजक संग्रह की 33 कहानियां हमारे समय के बेतुकेपन, चिंताओं और विडंबनाओं को उजागर करती हैं… ये लघुचित्र साथ मिलकर एक चौंकाने वाली गहराई का जीवंत ताना-बाना बुनते हैं।” — पब्लिशर्स वीकली “समकालीन चिंताओं को समझती व्यंग्यपूर्ण कहानियों का एक दिलचस्प संग्रह… इसकी सबसे प्रभावशाली बात यह है कि ख़तरनाक-से-ख़तरनाक समस्याओं के बीच भी पात्र अपनी मानवता को बचाए रखने के लिए अडिग हैं। ये कहानियां केरेट की विशिष्ट शैली, यानी करुणा और व्यंग्य के संगम से जन्मी हैं।” — कर्कस रिव्यूज़ (स्टार रिव्यू) “कहानियां बेहद छोटी हैं। हालांकि, इन्हें पढ़कर और ज़्यादा पढ़ने का मन करता है। हमें यक़ीन है कि केरेट की असीम रचनात्मकता और उनके हास्य से फिर जल्दी ही भेंट होगी।” — द टाइम्स ऑफ़ इज़रायल “लघु कहानी के उस्ताद केरेट अपने शिल्प को शाब्दिक अर्थ में बरतते हैं— उनकी कहानियां सचमुच ‘लघु’ होती हैं। ज़्यादातर कहानियां कुछ ही पन्नों में सिमटी हैं। लेकिन उनकी संक्षिप्तता या हास्य को हल्के में न लें— कुछ कहानियां इतनी तीखी हैं कि जैसे कोई अनजान राहगीर पेट में मुक्का मारकर चला गया हो। इन कहानियों की पृष्ठभूमि 7 अक्तूबर के हमलों और ग़ज़ा युद्ध की छाया में विस्तार पाती हैं।” — एन.पी.आर. “यह सही है कि इन कहानियों में हास्य और सोचने की गुंजाइश दोनों हैं। वे ‘डार्क कॉमेडी’ कही जा सकती हैं। लेकिन यह किताब इससे आगे जाती है। डार्क कॉमेडी के कार्यों में भी हमको अक्सर एक तरह की न्याय प्रणाली का आभास होता है, जिसे कभी-कभार कर्मफल के रूप में वर्णित किया जाता है। यह किताब इस ढांचे के बाहर जीने की हिम्मत रखती है।” — शिकागो रिव्यू ऑफ़ बुक्स
लेखक की प्रशंसा “एटगर केरेट एक जीनियस हैं…” — द न्यूयॉर्क टाइम्स “एक शानदार लेखक… मैं ऐसे किसी और लेखक को नहीं जानता। आने वाली पीढ़ी की आवाज़।” — सलमान रुश्दी “केरेट केवल छह पैराग्राफ़ में वो कर सकते हैं, जो अधिकांश लेखक छह सौ पन्नों में नहीं कर पाते।” — काइल स्मिथ, पीपल “वो हमारे समय के सबसे महत्वपूर्ण लेखकों में से एक हैं…” — क्लाइव जेम्स किताब की प्रशंसा “सार्वभौमिक और शाश्वत” — द न्यूयॉर्क टाइम्स “केरेट के नए संग्रह की कहानियां व्यक्तिगत और वैश्विक घटनाओं पर ऐसी प्रतिक्रिया देती हैं, जो एक साथ हास्यपूर्ण और गहराई से भावनात्मक है।” — द न्यू यॉर्कर “रोशन और सटीक, सीधे-साधे अंदाज़ में लिखी गईं, लेकिन भीतर संभावनाओं और जंगलीपन से भरी हुई… केरेट की चमकदार कल्पनाएं हमेशा वास्तविकता की खोज में होती हैं, हमें यह दिखाने के लिए कि हम एक-दूसरे से कैसे जुड़ते हैं, कैसे अकेले रह जाते हैं और कैसे जुड़ने की तड़प रखते हैं।” — एमी बेंडर “अनंत कल्पनाशीलता… छोटी-छोटी गद्य-रचनाएं— ज़्यादातर कुछ ही पन्नों की— जो छोटे तारों की तरह फूटती हैं और कल्पनात्मक विस्तार को बढ़ावा देती हैं।” — बुकलिस्ट “केरेट के इस मनोरंजक संग्रह की 33 कहानियां हमारे समय के बेतुकेपन, चिंताओं और विडंबनाओं को उजागर करती हैं… ये लघुचित्र साथ मिलकर एक चौंकाने वाली गहराई का जीवंत ताना-बाना बुनते हैं।” — पब्लिशर्स वीकली “समकालीन चिंताओं को समझती व्यंग्यपूर्ण कहानियों का एक दिलचस्प संग्रह… इसकी सबसे प्रभावशाली बात यह है कि ख़तरनाक-से-ख़तरनाक समस्याओं के बीच भी पात्र अपनी मानवता को बचाए रखने के लिए अडिग हैं। ये कहानियां केरेट की विशिष्ट शैली, यानी करुणा और व्यंग्य के संगम से जन्मी हैं।” — कर्कस रिव्यूज़ (स्टार रिव्यू) “कहानियां बेहद छोटी हैं। हालांकि, इन्हें पढ़कर और ज़्यादा पढ़ने का मन करता है। हमें यक़ीन है कि केरेट की असीम रचनात्मकता और उनके हास्य से फिर जल्दी ही भेंट होगी।” — द टाइम्स ऑफ़ इज़रायल “लघु कहानी के उस्ताद केरेट अपने शिल्प को शाब्दिक अर्थ में बरतते हैं— उनकी कहानियां सचमुच ‘लघु’ होती हैं। ज़्यादातर कहानियां कुछ ही पन्नों में सिमटी हैं। लेकिन उनकी संक्षिप्तता या हास्य को हल्के में न लें— कुछ कहानियां इतनी तीखी हैं कि जैसे कोई अनजान राहगीर पेट में मुक्का मारकर चला गया हो। इन कहानियों की पृष्ठभूमि 7 अक्तूबर के हमलों और ग़ज़ा युद्ध की छाया में विस्तार पाती हैं।” — एन.पी.आर. “यह सही है कि इन कहानियों में हास्य और सोचने की गुंजाइश दोनों हैं। वे ‘डार्क कॉमेडी’ कही जा सकती हैं। लेकिन यह किताब इससे आगे जाती है। डार्क कॉमेडी के कार्यों में भी हमको अक्सर एक तरह की न्याय प्रणाली का आभास होता है, जिसे कभी-कभार कर्मफल के रूप में वर्णित किया जाता है। यह किताब इस ढांचे के बाहर जीने की हिम्मत रखती है।” — शिकागो रिव्यू ऑफ़ बुक्स